धर्म नगरी हरिद्वार में इस समय देश के कोने कोने से कावड़ यात्री हरिद्वार हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर अपने अपने गतंव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। जिसमें कुछ कावड़ यात्री कांवड़ में जल रखकर जा रहे हैं तो कुछ, कावड़ यात्री बड़ी फैंसी कावड़ लेकर कावड़ यात्रा कर रहे हैं। उसी कावड़ यात्रा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला।

आज तक हम सभी ने श्रवण कुमार के किस्से और कहानियां ही सुनी है लेकिन देखा कभी नहीं ,लेकिन धर्म नगरी हरिद्वार में कावड़ यात्रा पर आए कलयुग के श्रवण कुमार ने वह नजारा साक्षात कर दिखाया। आपको बताते चलें की कावड़ यात्रा के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला जिसमें कावड़ के दोनों और अपने माता पिता को बैठा कर कंधे पर कावड़ उठा कर कावड़ यात्री अपने माता-पिता को यात्रा करवाता नजर आया, यह नजारा देखकर लोग भी आश्चर्यचकित हो रहे हैं  कि आखिर इतनी लंबी कावड़ यात्रा को कैसे पूरा कर पाएगा, आपको बताते चलें हर की पौड़ी से स्नान कराने के पश्चात गंगाजल के साथ अपने माता पिता को कावड़ के दोनों ओर बंधे झूले में बिठाकर कावड़ यात्री अपने राज्य की ओर वापस प्रस्थान कर चुका है, जिसके साहस और धैर्य के साथ माता पिता के प्रति उसकी भावना और प्रेम को देखकर सभी कावड़ यात्री की सराहना कर रहे हैं।

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