रिपोर्ट : तसलीम कुरैशी
पिरान कलियर/हजरत बाबा गरीब शाह साबरी का 24 वा नूरानी उर्स हज़रत बाबा गरीब शाह साबरी के सज्जादा नशीन हजरत सय्यद मौलाना इकबाल अहमद साबरी के जेरे कयादत में बड़ी धूम धाम और अकीदत के साथ मनाया गया। जो आज 9 दिसंबर यानी चांद की 5 जमादिससानी को हर साल की तरह इस साल भी मदरसा गुलजारे फरीद से छड़ी मुबारक रवाना होने पर सम्पन्न होता हैं ये उर्स पिरान कलियर स्थित अहाता इमाम साहब मदरसा गुलजारे फरीद में मनाया गया जिसमें देश के कोने कोने से हज़रत बाबा गरीब शाह साबरी के मुरीदेन और पीरो मुर्शीद शिरकत करते है और उर्स मुबारक में महफ़िले शमा की साथ तिलावते कुरान और मिलाद शरीफ और कव्वाली के कार्यक्रम का आयोजन होता है पूरे उर्स में बड़े स्तर पर लंगर(भंडारे) का आयोजन मदरसा गुलजारे फरीद की कमेटी की ओर से किया जाता है और ये उर्स जमादिससानी के चांद दिखने से शुरू होकर चांद रात से चांद की 1 व 2 व 3 और 5 तारीख यानि 9 दिसंबर को मोहम्मद मुदस्सिर साबरी की देखरेख में और हजरत सय्यद मौलाना इकबाल साबरी के दिशा निर्देश से छड़ी मुबारक रवाना होने के बाद उर्स मुबारक का समापन होता है। उर्स में देश के कोने कोने से जायरीन शिरकत करते है। इस मौके पर हजरत सय्यद मौलाना इकबाल शाह साबरी ने बताया है कि ये अजमेर शरीफ के लिए छड़ी मुबारक जो रवाना होती ये अब से करीब 86 वर्षों से हमारे पीरो मुर्शीद की चलाई गई रस्मो में से एक है जो हजरत ख्वाजा बख्तियार काकी रह० महरौली शरीफ देहली ने अपने पीरो मुर्शीद हजरत ख्वाजा गरीब नवाज अजमेरी के उर्स के मौके पर शुरू की थी उसी को आगे बढ़ाते हुए ये रस्म मदरसा गुलजारे फरीद से हज़रत बाबा गरीब शाह साबरी ने शुरू की थी जिसको आज 86 वर्ष का अरसा हो चुका है और ये सिलसिला मूसल सल जारी है। हज़रत बाबा गरीब शास साबरी की हयात से ये छड़ी मुबारक बाबा महबूब उर्फ महबूबुर्रहमान साबरी की देखरेख में जाती थी लेकिन उनकी वफात के बाद ये जिम्मेदारी मोहम्मद मुदस्सिर साबरी को सौंपी गई है और ये इसको बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है। मोहम्मद मुदस्सिर साबरी ने बताया है कि आज जो मदरसा गुलजारे फरीद से छड़ी मुबारक अजमेर शरीफ के लिए रवाना हुई है इसमें 51 लोगो का काफिला छड़ी मुबारक मै शामिल है और ये काफिला कलियर शरीफ से 26 दिनों में दिल्ली महरौली शरीफ होते हुए अजमेर शरीफ पहुंचेगा और हजरत ख्वाजा गरीब नवाज हिन्दल वली रह० अजमेरी के संदल मै शिरकत कर ये झंडा बुलन्द दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा यही से हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज अजमेरी के उर्स का आगाज होता है और काफिला उर्स की मैन तारीख बड़ी रोशनी छठी शरीफ में शिरकत करते है और अजमेर शरीफ में लंगर चलाते है और उर्स सम्पन्न होने पर ये काफिला वापस कलियर शरीफ मदरसा गुलजारे फरीद लौट जाता है। इस अवसर पर चौधरी मोहम्मद इरफान साबरी,रमजान भाई, हाफिज इनाम साबिर साबरी,मोहम्मद मुदस्सिर साबरी,मौसम अली उर्फ बारु भाई,मोहसीन साबरी, राव इरफान साबरी,इरफान नोमानी साबरी,तसलीम मलिक आदि मौजूद रहे।

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