उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के बाद हरिद्वार जिले में मदरसों की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। जिले के 131 मदरसों की प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों में अनियमितताएं सामने आने के बाद 23 मदरसों की मार्च और अप्रैल माह की धनराशि रोक दी गई है। वहीं 11 मदरसों में पीएम पोषण योजना बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन अब छात्रों, शिक्षकों, वित्तीय अभिलेखों और बाहरी राज्यों से आए बच्चों के सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से केवल मान्यता प्राप्त मदरसे ही संचालित हो सकेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी अमित नंद ने बताया कि हरिद्वार जिले में पीएम पोषण योजना से जुड़े कुल 131 मदरसों की स्क्रीनिंग की गई थी। पहले चरण में सभी मदरसा संचालकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया, जिसमें 121 संचालकों ने भाग लिया, जबकि 10 मदरसों ने उसी दिन पीएम पोषण योजना बंद करने का नोटिस दे दिया। इस पर प्रशासन को संदेह हुआ और इन मदरसों को जांच के दायरे में लिया गया।उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें मिड डे मील वितरण की फोटो रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया था, लेकिन 4 मदरसों ने रिपोर्ट नहीं भेजी। वहीं 3 मदरसों ने पूरे वर्ष का डेटा अपडेट नहीं किया, जबकि 6 मदरसों ने वास्तविक छात्र संख्या से अधिक बच्चों का रिकॉर्ड विभाग को उपलब्ध कराया। पहले चरण की जांच में कुल 23 मदरसे स्क्रीनिंग टेस्ट में असफल पाए गए हैं, जिनकी धनराशि फिलहाल रोक दी गई है। शेष 108 मदरसों को योजना के तहत नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।
