हरिद्वार, श्रीरामलीला कमेटी रजि0 हरिद्वार ने संस्कार एवं संस्कृति का संरक्षण का 99वां साल का सफर पूरा करते हुए 100वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ गणेश पूजन के साथ किया।
इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् अध्यक्ष एवं मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व नगर विधायक मदन कौशिक, स्वतंत्र पूरी आश्रम के श्री महंत तथा जूना अखाड़े के पूर्व संत श्री केदारपुरी जी, जूना अखाड़े के श्री महंत श्री महेश पूरी जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीला का मंचन का शुभारंभ नारियल फोड़ कर एवम रिबन काटकर संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् अध्यक्ष एवं मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज ने बड़ी रामलीला के 100 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि मुझे आज बहुत ही प्रसन्नता हो रही है कि श्री रामलीला कमेटी ने अपने मंचन के 100 वर्ष पूर्ण कर सनातन धर्म को आगे बढ़ाया है तथा इसके लिए मैं श्री राम लीला कमेटी के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र चड्ढा जी को उनकी सम्पूर्ण कार्यकारिणी सहित बधाई देता हूं। श्री महंत रविंद्र पूरी जी ने कहा कि धर्म के सापेक्ष आचरण करने से व्यक्ति के कार्य पवित्र हो जाते हैं और भगवान राम के जीवन चरित्र को आत्मसात करने वाला समाज में सम्मान का पात्र बनता है। स्वामी रविंद्र पूरी ने पंचपुरी की जनता की तरफ से आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामलीला कमेटी हमें अपने अतीत पर गौरवान्वित होने के मौलिक स्वरुप का दर्शन कराती है।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि रामलीला का दर्शन व्यक्ति को चरित्रवान बनने की प्रेरणा देता है और त्रेताकालीन संस्कृति के मौलिक दृश्यों को प्रस्तुत करने वाली हरिद्वार की यह बड़ी रामलीला संपूर्ण भारत वर्ष में हरिद्वार का गौरव बढ़ा रही है। श्री मदन कौशिक जी ने कहा कि वर्तमान समय एवम परिस्थितियों में रामलीला का मंचन वास्तव सनातन के प्रति एक नेक कार्य है तथा इस कार्य में जुटे सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।

मंच का संचालन करते हुए श्री रामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विनय सिंघल एवम मंत्री श्री संदीप कपूर ने
ने इन्द्र दरबार एवं नारद मोह की लीला का सार समझाते कहा कि अनादि काल से भारत राजदरबारी सभ्यता से गौरवान्वित रहा है।
मुख्य दिग्दर्शक श्री भगवत मुन्ना एवम दिग्दर्शक श्री साहिल मोदी एवम संगीत दिग्दर्शक श्री विनोद नयन
के निर्देशन में इन्द्र के मौलिक दरबार की प्रस्तुति के साथ ही दरबार में नारद की तपस्या को भंग करने पर विचार विमर्श हुआ।

वीरेंद्र चड्ढा ने बताया की श्रीरामलीला कमेटी ने पहले दिन ही यह संदेश दिया कि अभिमान व्यक्ति के पतन का कारण बनता है और अभिमान आने पर व्यक्ति के तप, साधना, संयम, ईमानदारी एवं निष्ठा सभी गौण हो जाते हैं। उन्होंने कहा की रामलीला का यह दर्शन हमारे संत समाज और सद्गृहस्थ सभी को अभिमान के परित्याग की प्रेरणा देता है।

श्रीरामलीला के मंचन का शुभारम्भ कराने आये अतिथियों का अभिनन्दन करने वालों में प्रमुख ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री सुनील भसीन, ट्रस्ट के मंत्री श्री रविकांत अग्रवाल, कमेटी के मंत्री श्री महाराज कृष्ण सेठ एवम कोषाध्यक्ष श्री रविंद्र अग्रवाल ने पटका ओढ़ा कर एवम माला पहना कर अतिथियों का स्वागत किया। विशेष सहयोगी डायमंड हॉस्पिटालिटी के स्वामी श्री अभिषेक अहलूवालिया का स्वागत उप मंत्री कन्हैया खेवड़िया एवम पार्षद श्री राजेश शर्मा जी का स्वागत श्री ऋषभ मल्होत्रा जी द्वारा माला पहना कर एवम पटका ओढ़ा कर किया गया । जिला उपभोक्ता फॉर्म की पूर्व सदस्या अंजना चड्डा, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ, विशाल गोस्वामी, दर्पण चड्ढा, मनोज बेदी, सुनील वधावन, विकास सेठ, महेश गौड़, मयंक मूर्ति भट्ट, सुरेन्द्र अरोड़ा, रमेश खन्ना, गोपाल छिब्बर सहित सभी कमेटियों के प्रभारी तथा सदस्यों ने अतिथि सत्कार कर रंगमंच की सफलता की कामना की।

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