हरिद्वार से बड़ा उपभोक्ता शोषण का मामला सामने आया है, जहां ओमरों बैटरी शोरूम पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। कंज्यूमर ने 16 मई 2025 को अपनी खराब बैटरी रिप्लेसमेंट के लिए शोरूम में जमा कराई थी, जिसके बदले उसे बाकायदा रिसीविंग स्लिप भी दी गई थी।

करीब 11 महीने बाद जब पीड़ित उपभोक्ता पवन 7 अप्रैल 2026 को बैटरी लेने शोरूम पहुंचा, तो वहां मौजूद स्टाफ ने पहले बैटरी “नहीं मिल रही” कहकर टालमटोल शुरू कर दी। मामला तब गरमाया जब उपभोक्ता ने कस्टमर केयर पर कॉल किया और शोरूम मालिक को मौके पर बुलाया गया।

आरोप है कि शोरूम मालिक प्रवीण कुमार ने पीड़ित उपभोक्ता पवन से रसीद ली, बाहर जाकर कुछ देर बाद लौटे और साफ शब्दों में कह दिया कि “बैटरी यहां से जा चुकी है, जो करना है कर लो।” इतना ही नहीं, जब उपभोक्ता ने अपनी रसीद वापस मांगी तो कथित तौर पर मालिक ने कह दिया कि “रसीद फाड़ दी है।

इस पूरे मामले ने उपभोक्ता अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वही पीड़ित उपभोक्ता कंज्यूमर कोर्ट में मामले को लेकर वाद दायर करने को मजबूर हो चला है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कंज्यूमर कोर्ट से न्याय मिल पाता है या नहीं।

 

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