*जिला प्रेस क्लब हरिद्वार (रजि०) संबंधित अधिकारियों से मिलकर इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग करेगा:अध्यक्ष राकेश वालिया*
रिपोर्ट : मनव्वर कुरैशी
पिरान कलियर/हरिद्वार।विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक की दरगाह पिरान कलियर देश-विदेश से आने वाले लाखों अकीदतमंदों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। लेकिन इन दिनों इस पवित्र धार्मिक स्थल की गरिमा और छवि को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा संचालित किए जा रहे कथित अवैध सट्टा खाईबाड़ी के कारोबार से गंभीर आघात पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि क्षेत्र के कई स्थानों पर खुलेआम अवैध सट्टा खाईबाड़ी का कारोबार संचालित हो रहा है। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, अपराध को बढ़ावा मिल रहा है और धार्मिक नगरी का वातावरण भी दूषित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक छवि दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
इस संबंध में जिला प्रेस क्लब हरिद्वार (रजि.)ने भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। क्लब शीघ्र ही संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएगा तथा क्षेत्र में संचालित कथित अवैध सट्टा खाईबाड़ी के कारोबार को पूर्ण रूप से बंद कराने की मांग करेगा।
जिला प्रेस क्लब हरिद्वार (रजि.) ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अवैध गतिविधियां संचालित होती पाई जाती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि पिरान कलियर की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके।
स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि धार्मिक स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासन, पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही ऐसे अवैध धंधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है और पिरान कलियर की पहचान एक शांत, पवित्र एवं आस्था के केंद्र के रूप में कायम रखी जा सकती है।उक्त मामले को लेकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी को भी अवगत कराकर इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
