रिपोर्ट : तसलीम कुरैशी
पिरान कलियर।23 मोहर्रम को हजरत बाबा गरीब शाह साबरी के पीरो-मुर्शिद हजरत ख्वाजा गुलाम मोइनुद्दीन हसन गोरी सखी रहीमुद्दीन सरकार की याद में हर साल की इस साल भी बड़ी अकीदत के साथ चादर पोशी एवं उर्स शरीफ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मदरसा गुलज़ारे फरीद पहुंचकर चादर के जुलूस में शिरकत की और मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसा गुलज़ारे फरीद से हुई, जहां से सज्जादा नशीन हजरत बाबा रमजान साबरी के नेतृत्व में चादर का जुलूस रवाना हुआ और हजरत इमाम मोहम्मद अबू सालेह रहमतुल्ला अलेय में चादर पेश की जाती है उसके बाद चादर जुलूस हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्ला अलेय में पहुंचकर चादर चादर पोशी की जाती है जिसमें शामिल अकीदतमंद नात, मनकबत और दरूद-ओ-सलाम पढ़ते हुए पूरे अदब और एहतराम के साथ दरगाह शरीफ में पेश करते है।रास्ते में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और शरबत व लंगर का इंतजाम किया।
इसके बाद फातिहा, कुरआनख्वानी और विशेष दुआ का आयोजन हुआ, जिसमें देश की तरक्की, आपसी भाईचारे, शांति और इंसानियत की भलाई के लिए दुआएं की गईं।
उर्स के अवसर पर दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे। कमेटी की ओर से जायरीन के लिए लंगर और अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं।
सज्जादा नशीन बाबा रमजान साबरी ने अपने संबोधन में कहा कि सूफी संतों की शिक्षाएं प्रेम, सेवा, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं। उन्होंने लोगों से संतों की शिक्षाओं पर चलने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक दुआ और लंगर वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की उपस्थिति रही।जिसमें मोहसीन अली,गुलाम फरीद साबरी,मुदस्सिर हुसैन साबरी, गुलाम साबिर,आकिल त्यागी,छोटा हाफिज इनाम साबिर,राव इरफान खां,सूफी मोहम्मद आरिफ साबरी, पिरानी दिल्ली,आरिश दिल्ली,इरफान नोमानी साबरी,तसलीम मलिक,सलमान,मौसम अली उर्फ बारू आदि सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
