रिपोर्ट : मनव्वर कुरैशी
देहरादून।भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों एवं विभागों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा विजिलेंस में लंबे समय से लंबित जांचों को शीघ्र पूरा कर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने सरकार का ध्यान प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और विभिन्न विभागों में लंबित जांचों की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट और सख्त होनी चाहिए तथा भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामलों में जांच को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि विजिलेंस में लंबित सभी जांचों की समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। जिन मामलों में जांच के दौरान भ्रष्टाचार या अनियमितताओं के तथ्य सामने आते हैं, उनमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाए।
सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जांच लंबित रहने से शिकायतकर्ताओं और आम जनता में व्यवस्था के प्रति निराशा पैदा होती है।
ज्ञापन में उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों और भ्रष्टाचार में संलिप्त विभागों के मामलों की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू किया जाए और विजिलेंस सहित संबंधित जांच एजेंसियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता एक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन चाहती है तथा सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
