उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद पर ताजपोशी के बार तीरथ सिंह रावत का सफर कुछ आसान नहीं होने वाला है। विपक्षी दल के नेताओं के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ कार्यकताओं के साथ तालमेल भी बनाना होगा। चूंकि, प्रदेश में अगले साल 2022 में विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में विकास कार्यों को गति देने पर फोकस करने के साथ ही जनता का भरोसा भी जीतना होगा। गढ़वाल-कुमाऊं सहित ठाकुर -ब्राह्मण फैक्टर को भी साधाना होगा ताकि भाजपा प्रदेश में एक बार फिर से सरकार बना सके। तीरथ कार्यक्राल के हिसाब से 10 वें मुख्यमंत्री हैं जबकि चेहरे के हिसाब से वह उत्तराखंड के नवें सीएम हैं। तीरथ को चुनौतियों से निटने के साथ ही पार्टी हाईकमान की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। जानते हैं कि चुनौतियों के बारे में :-

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