महा कुम्भ 2021 में मेला प्रशासन ने कुम्भ का स्नान तो सकुशल संम्पन्न करवा दिया। लेकिन कई सवालो के जवाब मेला प्रशासन के पास नहीं हैं ।और अगर हैं भी तो जवाब देने से बच रहे हैं, क्योकि महाकुम्भ में हर जगह कोविड -19 के चलते जारी की गई sop को लागु किया गया। लेकिन किसी भी अखाड़े पर इसे लागु नहीं किया गया आखिर क्यों ? यह सवाल आने वाली महामारी के बढ़ते आंकड़े देखर अपने आप में बहुत बड़ा सवाल हैं। आपको बतादे की सबसे पहले एक आश्रम से 32 लोग एक साथ कोरोना पॉजिटिव निकले। उसके बाद अखाड़ा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी पॉजिटिव हो गए। रोज के आकड़ो की अगर बात की जाये तो आंकड़े बहुत चिंताजनक हैं ।बैसाखी पर्व पर गंगा स्नान के लिए हरियाणा से आए रुद्राक्ष बाबा के कोरोना संक्रमित निकलने से हड़कंप मच गया। जांच से पहले संक्रमित बाबा ने नागा संतों के साथ मंगलवार को गंगा में स्नान किया था। वहीं, दो अन्य की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। सभी को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।लेकिन जितने लोगो के सम्पर्क में बाबा आये उनकी पहचान कर पाना बहुत मुश्किल हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं ।की मेला प्रशासन ने कही न कही लापरवाही बरती हैं। जिसका खामियाजा हरिद्वार की जनता को भुगतना पड़ेगा महा कुम्भ में कोरोना बिस्फोट हो चूका हैं। जिसके नतीजे ए दिन मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव लोगो के रूप में मिल रहे हैं।

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