इटावा:विश्व पर्यावरण दिवस की अवसर पर एक दिन पूर्व झण्डा आश्रम स्टेडियम गेट इटावा में संस्था नेचर कंजर्वेशन एंड ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी एवं अनिल मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण किया गया।

संस्था के सचिव जल संरक्षक निर्मल सिंह ने कहा कि देश में 33% वन क्षेत्र होना आवश्यक है परंतु हम इस लक्ष्य से काफी पीछे हैं कोरोना महामारी में लोगों की ऑक्सीजन की कमी से भी जूझना पड़ा है। यदि शरीर को स्वस्थ रखना है तो प्रकृति संरक्षण के लिए सभी को आगे आना होगा यदि प्रकृति में जल वायु प्रदूषण कम होगा जो वातावरण भी अच्छा होगा और मनुष्यों का शरीर स्वस्थ और निरोगी बना रहेगा। हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए आगे आना होगा । पौधारोपण करने से एवं इनकी देखभाल करने से पर्यावरण अच्छा होगा और पीपल, बरगद, नीम, गूलर आंवला, तुलसी इत्यादि पौधे लगाने से ऑक्सीजन की अधिकता बढ़ेगी। कनेर, वोगनबिरिया जैसे पौधे लगाने से ध्वनि प्रदूषण कम होगा। हमें पौधों को लगाने से पहले इन के महत्व के बारे में जानने की आवश्यकता है ताकि इनके गुणों को जानकर लाभ लिया जा सके। आवश्यकता के अनुसार पौधारोपण करते रहना चाहिए ताकि प्रकृति की व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

आश्रम में लगाये लगाए गए आंवला तुलसी कनेर की देखभाल की जिम्मेदारी पंडित कौशल किशोर ने अपने हाथों में ली है उन्होंने कहा मैं सेवा भाव से इन पौधों को सिंचित करता रहूंगा और देखभाल करता रहूंगा।

अनिल मेमोरियल ट्रस्ट की प्रबंध सोनिया सिंह ने कहा कि पौधों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करनी होगी।इस अवसर पर हल्के बाबा,संजय सक्सेना, प्रशांत जैन, यासीन अंसारी आदि लोगों ने वृक्षारोपण में प्रतिभाग किया।

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