रिपोर्ट:मनव्वर कुरैशी
रुड़की।नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कैसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और कैसे NTA द्वारा प्रश्नों की री चेकिंग के नाम पर मोटा पैसा वसूल कर छात्रों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है आज हम उसी पर बात करने वाले हैं। सबसे पहले तो रुड़की मे स्थित SIGNUM ACADEMY के डायरेक्टर वसीम अकरम सर जो रुड़की आईआईटी से पास आउट हैं मे उनकी प्रशंसा करता हूँ जिन्होंने छात्रों के हित मे उनके भविष्य की परवाह करते हुए NTA की गलतियों को उठाने का सफल प्रयास किया और प्रेस वार्ता आयोजित कर NTA द्वारा किए गए छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को सबके सामने लाने का प्रयास किया ।
रुड़की मे NIH रोड स्थित SIGNUM ACADEMY पर छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन ACADEMY के डायरेक्टर वसीम अकरम सर के द्वारा किया गया जिसमे उन्होंने बताया की JEE MAINS सेशन(1)के EXAM मे जो QUESTION PAPER आया उसमे कुछ प्रश्न गलत थे उन्मे से NTA जो की ये EXAM करवाती है उसने माना की हाँ 9 प्रश्न ऐसे हैं जो की गलत हैं और उनको ड्रॉप कर दिया गया लेकिन उनके अलावा छः प्रश्न और भी ऐसे थे जो की गलत थे लेकिन NTA ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया और उन गलत प्रश्नों को SOLVE करने के चक्कर मे छात्रों का समय खराब होता रहा हताश होकर छात्रों ने उनको छोड़ दिया इस तरह छात्रों को कुल मिल कर तीस अंकों का नुकसान हुआ जिसकी वजह से एक होनहार छात्र की रैंक हजारों मे शिफ्ट हो गई यानि जिस छात्र की 99 पर्सेन्टाइल से लगभग 79 पर्सेन्टाइल के आस पास रह गया जो की होनहार प्रतिभा के लिए बड़ा नुकसान है।
वसीम सर ने बाकायदा प्रेस वार्ता के दौरान वो सभी छः प्रश्न अपने स्मार्ट बोर्ड पर उनके कोड के साथ दिखाए जो की गलत थे और उनको ड्रॉप नहीं किया गया था,बल्कि उन सभी प्रश्नों की एक के बाद एक कमियाँ भी बताई की उन्मे गलत क्या था , एक सवाल के जवाब मे वसीम सर ने ये बताया की पहले उन्होंने सभी प्रश्नों को हर एक ऐंगल से खुद सॉल्व किया और उसके बाद आईआईटी रुड़की के फिज़िक्स के प्रोफेसर से भी क्रॉस चेक करवाया तो उन्होंने भी इन सभी छः प्रश्नों के गलत होने की बात को सही करार दिया।
इस सब मे इतना समय क्यों लगा इस सवाल के जवाब मे वसीम सर ने कहा की मे तो एक SIGNUM ACADEMY चलता हूँ जो की रुड़की मे है बाकी पूरे देश मे बड़े बड़े शिक्षण संस्थान हैं जिनका बहुत नाम है उन्होंने इस बात को नहीं उठाया तो मुझे लगा की हो सकता है मे गलत हूँ इसलिए मेने सभी प्रश्नों को कई कई बार सॉल्व किया और उसके बाद इनको क्रॉस चेक भी कराया इसलिए मुझे इतना समय लगा अब मे कह सकता हूँ की हाँ वकाई मे यहाँ दिए गए छः प्रश्न गलत हैं इसलिए अब माना प्रेस वार्ता की है
वसीम सर ने कहा की प्रेस वार्ता करने का मकसद सिर्फ इतना है की हमारी आवाज NTA और केंद्र सरकार तक पहुंचे और वो छात्रों के भविष्य को ध्यान मे रखते हुए इन प्रश्नों पर ध्यान दें और अगर इस पर भी कुछ नहीं होता है तो मे खुद माननीय सुप्रीम कोर्ट मे इस मामले पर एक PIL दायर करूंगा क्योंकि मे एक अध्यापक हूँ जिसका कर्तव्य है की छात्रों का भविष्य बने न की उनके भविष्य उनके सपनों के साथ खिलवाड़ हो।
आपको बात दें की JEE MAINS सेशन(1) की इस परीक्षा मे पूरे देश से लगभग 16 लाख छात्रों ने प्रतिभाग किया था,NTA कहता है की अगर आपको कोई प्रश्न गलत लगता है तो आप 200 रुपए फीस के जमा करें और हम उसको री चेक करेंगे अब यहाँ 16 लाख छात्र 200 रुपए देते हैं एक प्रश्न के लिए तो बनते हैं 32 करोड़ रुपए और जब बात आती है 6 गलत प्रश्नों की तो ये आप खुद देख लीजिए और सभी 15 प्रश्न गलत होने पर जब रकम बनाई जाती है तो ये की सौ करोड़ रुपए बन जाते हैं अब यहाँ सोचने वाली बात ही की छात्र को परीक्षा से पहले जो फार्म भरना होता ही उसकी फीस और कितने छात्रों ने फार्म भर उसका टोटल भी इसमे जोड़ दिया जाए तो आप समझ सकते हैं की हजारों करोड़ रुपयों का घोटाला सामने आता है।
