रिपीट:मनव्वर कुरैशी
पिरान कलियर।शमीम साबरी कॉलोनी ऑनर एवं वरिष्ठ समाजसेवी व पूर्व विधायक प्रत्याशी आजाद समाज पार्टी खानपुर ने रमजान और आगमी ईद – उल-फितर की अपनी और अपनी पार्टी की ओर से सभी अहले वतन को मुबारकबाद देते हुए कहा है कि रमजानुल मुबारक का पाक महीने रहमतों बरकतों और अपनी ख्वाहिशों को अल्लाह की रजा के लिए तर्क करना सिखाता है इस्लाम के मुताबिक इस महीने की एक अलग ही मकाम है और ये महीना इबादत और अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसके हुक्म की इताअत करना और जकात, फ़ीतरा, खैरात,करना बताया है क्योंकि इस महीने की फजीलत है कि इस पाक महीने में की गई हर इबादत और खैरात दीगर का 70 फीसद सवाब ज्यादा मिलता है। इसी लिए इस महीने को तीन अशरो में तकसीम किया गया है जिसमें पहला अशरा रहमत का व दूसरा अशरा मगफिरत का और तीसरा अशरा जहन्नम से आजादी का है। इस पाक महीने में ही कुरआन मजीद नाजिल हुआ था और इसी महीने में सब – ए- कदर आती है जो हजार महीनों से अफजल होती है इस महीने के रोज़े फर्ज किए गए है। इस महीने में ही शैतान को कैद कर दिया जाता है।ये महीना तमाम महीनों से अफजल है इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाती है।इस महीने की बाबरकत से इन्सान को अपने गुनाहों से माफी मिलती है। इस्लाम में इस महीने का अलग ही मकाम है।

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